पूसा (समस्तीपुर)। न बाजा न बराती, न दहेज और न सामूहिक भोज। पड़ोसियों तक को खबर नहीं। जी हां दूल्हे-दुल्हन ने पहले स्क्रीनिग करवाई फिर परिणय सूत्र में बंध गए। बुधवार की रात सातनपुर कमला गांव में लॉकडाउन के बीच हुए आदर्श विवाह की गवाह बनी। कमला गांव निवासी पवन कुमार महतो की पुत्री पूजा और हरपुर पूसा निवासी राम उदगार महतो के पुत्र दीपक कुमार की शादी चर्चा का विषय बनी। जब वर वधु दोनों पक्ष के सात-सात लोगों के अतिरिक्त एक पंडित की सहायता से सात फेरे लिए गए। दूल्हे और दुल्हन सहित सभी लोगों ने मास्क लगाकर फिजिकल डिस्टेंसिग के साथ सारी रस्म पूरी की। दोनों पक्षों के बीच शादी की तिथि लॉकडाउन को लेकर दिसंबर तक टाल कर बरात और गाजे-बाजे के साथ संपन्न होने की बात चल रही थी।इसी बीच दोनों पक्षों ने सूझबूझ का परिचय दिया। इस कारण न तो दहेज का लेन देन हुआ और न बाजे और भोज की। दोनों पक्ष के लोगों ने मोबाइल फोन पर इस आदर्श शादी की योजना बनाई। और फिर दोनों पक्षों के लोगों ने डोर टू डोर स्क्रीनिग के तहत स्वजन की जांच करवाई और मास्क के साथ लड़की वालों के यहां ग्राम भगवानपुर कमला प्रखंड उजियारपुर जिला समस्तीपुर वर पक्ष के सात लोग पहुंच गए। वधू पक्ष के सात लोगों की उपस्थिति में सात फेरे लिए और नया कीर्तिमान बना डाला। शादी में भी घर के लोगों ने फिजिकल डिस्टेंसिग का पालन किया। ऐसा बताया जा रहा है। नई पीढ़ी में आदर्श विवाह की सोच काफी प्रशंसा के योग्य है।
मै चितरंजन कुमार आपके
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