बिहार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों से गुहार लगाई है कि कृपया कर वह बिहार में ही रहे क्योंकि यहीं पर ही वह सब को काम देने वाले हैं सभी प्रवासी मजदूर और श्रमबल एवं कौशल का यही पर उपयोग करा जाना चाहिए। यह संदेश उन्होंने बिहार के मजदूरों के लिए दिया है उन्होंने कहा है कि आप सभी लोग बिहार के विकास में और यहां की अर्थव्यवस्था के सुधार में भागीदारी बने। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा कोरेंटिन केंद्रों पर मौजूद प्रवासी मजदूरों से बात करी और उन सभी को मिल रही सुविधाओं का अवलोकन भी करा जिसमें उन्होंने प्रवासियों से यह सवाल पूछा कि वह वहां क्या करते थे कोई दिक्कत तो नहीं आई साथ ही वहां के जिला अधिकारियों को कई निर्देश भी जारी करें।

मुख्यमंत्री ने जितने भी पदाधिकारी हैं उनको निर्देश देते हुए कहा कि बाहर से आए सभी लोगों को बिहार में ही काम दिया जाएगा। जितनी भी लोग हैं जो काम के इच्छुक हैं वह अपना जल्दी से जल्दी जॉब कार्ड बनवा लें। सभी को उनकी इच्छा अनुसार और स्केल के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने 10 जिलों में 20 पॉइंट इन केंद्रों में पेयजल रसोईघर स्नानघर शौचालय लोगों के रहने की व्यवस्था साफ सफाई के बारे में अवलोकन करें। इन जिलों में पूर्वी चंपारण सीतामढ़ी दरभंगा शिवहर रोहतास पूर्णिया मधुबनी गया जैसे बड़े जिले शामिल है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि मजदूरों को रोजगार देने के लिए जितने भी राज्य स्तर पर टास्क फोर्स तैयार करी गई है उन सब का कार्य चालू कर दिया गया है ताकि स्किल सर्वे करा जा सके और उसके अंतर्गत जितने भी श्रमिक हैं उनको रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके मुख्यमंत्री का कहना है कि रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर ट्रांसपोर्ट वर्तमान नीतियों में अगर कोई संशोधन आवश्यक समझती है तो वह तुरंत लागू करा जाएगा इसके लिए रिटर्न पॉलिसी और शार्ट टर्म पॉलिसी का भी सुझाव मिला है। ऐसा कहा जा रहा है की बड़ी संख्या में प्रवासी वापस बिहार की और आ गए हैं जिस वजह से अब बिहार सरकार का यह कार्य बढ़ गया है कि उनको रोजगार किस तरीके से जल्दी से जल्दी प्रदान करवाया जाए। इसको लेकर आवश्यक पहल भी संबंधित विभागों द्वारा चालू कर दी गई है।

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