पटना जिला अधिकारी द्वारा कसहा मौजय मरांची जिस पर रामदिरी जगतपुरा के साथ-साथ गांव के किसानों की आजीविका का एकमात्र 290 एकड़ जमीन जिसका अधिग्रहण बिहार सरकार ने 2011 में मोकामा अधिकारी दस्तावेज के आधार पर किया इसको लेकर के बहुत दिनों से विवाद चला आ रहा है। एनटीपीसी को बिहार सरकार बिहार सरकार और पुराने थर्मल प्रतिष्ठान ने जमीन हस्तांतरित कर दी लेकिन कहीं भी किसानों को विश्वास में नहीं लिया गया और वहां राख के तालाब बनाने की प्रक्रिया पुलिस के बल पर शुरू कर दी गई और जिसके कारण किसानों को अपनी जमीन बचाने के लिए शांतिपूर्ण धरना देना पड़ा,शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस ने घायल करके पीट दिया। अंततः बाढ़ अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप से तत्काल राख के तालाब निर्माण का कार्य रोका गया पटना जिला अधिकारी ने किसान प्रतिनिधियों से सौहार्दपूर्ण बातें सुनी और किसानों से प्रमाणित अभिलेख प्राप्त कर सहमति के आधार पर आज विशेष जांच पदाधिकारियों का दल का कसहा मौजय मराची एवं उसके विकल्प राख के तालाब बनाने के लिए मल्हीपुर की जमीन का जायजा लिया गया। उल्लेखनीय है मल्हीपुर के किसान सुरक्षा से लिखित रूप से राख के तालाब निर्माण हेतु जमीन देने के लिए तैयार है। इसलिए उसी जमीन पर राख का तालाब बनाने के संबंध में पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने जोर देकर कहा किसान किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे जान भले ही चली जाए लेकिन यह बहू फसली जमीन जिसके अधिग्रहण करने पर भारत सरकार के अधिग्रहण अधिनियम 2013 के उद्देश्य में प्रतिबंध है। इतना ही नहीं इसकी धारा 24 में 5 वर्षों तक अधिकृत जमीन पर कब्जा नहीं होने की स्थिति में किसानों की जमीन वापस हो जाएगी, इसलिए तत्काल प्रभाव से एनटीपीसी को कार्य स्थगित करना चाहिए इस जिले के किसान विकास विरोधी नहीं है। अपना कलेजा काट कर रिफाइनरी फ़र्टिलाइज़र थर्मल का निर्माण किया गया है इसीलिए इस विद्युत कारखाना का भी विकास हो लेकिन मल्हीपुर के किसानों की जमीन पर हो कसहा रामदिरी जगतपुरा के किसानों की जमीन किसी भी कीमत पर नहीं ली जाए।

   बैठक में भाजपा के विधान परिषद सदस्य रजनीश कुमार, कांग्रेस की बेगूसराय विधायिका अमिता भूषण, सारजन सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष राज किशोर सिंह, हेमंत कुमार सिंह,रत्नेश कुमार सिंह बिट्टू, शंभू देवा, पप्पू सिंह, गोपाल सिंह इत्यादि उपस्थित थे।
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