सुशांत सिंह राजपूत की मौत को मेरा मन आत्महत्या मानने को तैयार नहीं है, ये प्लान्ड मर्डर लगता है, पहले प्रताड़ना, फिर डिप्रेशन की अफवाहें उड़ाकर माहौल बनाना, फिर एक दिन फांसी पर लटका देना, सुसाइड नोट का न मिलना, गर्दन का न खिंचना, जीभ का बाहर न निकलना, चेहरे पर कुरूपता का न आना, रूम से डिप्रेसन की कोई मेडिसिन का न मिलना, पुलिस को बुलाये बगैर दरवाजे की नकली चाबी बनवाना, बगैर फुटेज लिये लाश नीचे उतार देना, अभी एक जगह पढ़ा कि उसके सीसीटीवी कैमरे बंद पाये गये, डुप्लीकेट चाबी भी गायब मिली,  मुझे तो लगता है डुप्लीकेट चाबी की पहले चोरी हुई, फिर प्रोफेशनल खूनी जो तीन चार लोग रहे होंगे, ने चोरी की चाबी से फ्लैट खोला, फिर कोई दवाई सुंघा कर उसे बेहोश किया और फिर उसे जीवित अवस्था बेहोशी की हालत में फांसी पर लटका दिया गया,  फांसी का फंदा हरे कपड़े से बनाया गया था जो किसी खास ग्रुप का सिग्नल है, अगर ऐसे मर्डर हुआ है तब पोस्टमार्टम में कुछ नहीं निकलेगा,  उसमें काज ऑफ डेथ फांसी ही निकलेगा !!!! 
जो इंसान सलमान से भिड़ जाये, करन जौहर से भिड़ जाये वो कभी सुसाइड नहीं कर सकता !!! अगर सीबीआई जांच हो तो ये मर्डर प्रूफ हो जायेगा और गुनाहगार भी पकड़े जायेंगे !!!


आपसे करबद्ध निवेदन है कि कृपया इसको इतना अधिक शेयर करें जिससे कि महाराष्ट्र सरकार को सीबीआई जाँच का निर्देश देना पड़े ताकि सच्चाई सामने आ सके और सुशांत सिंह राजपूत को न्याय मिल सके।
मनीष कुमार झा 
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