"सत्य मेव जयते"(Date-14/7/2020)
जाति श्रेणी विभाजन में विकृत  षड्यंत्र:- आज हमारी राज्य एवं भारत सरकार जाति श्रेणी का विभाजन किस प्रकार करती जा रही है जैसा कि संभवत यह अनुभव हो हो रहा है कि "जनता बलि का बकरा" बनती जा रही है, जिसका प्रभाव समाज में विकृत षड्यंत्र को अंजाम दे रही है। प्रिय प्रदेश या राष्ट्र वासियों इस षड्यंत्र पर चिंता नहीं बल्कि चिंतन करने की अति आवश्यकता है। जिससे समाज में मानव जाति की विकृति में एक बेहतर "सु"आकृति की निर्माण हो सके। वर्तमान समय में आज मानव जाति में विच्छेदन कर निम्नलिखित श्रेणी में विभाजित कौन किया है? पहले इस प्रश्न के उत्तर खोजने की जरूरत है, आखिर जनता कर रही है या हमारी सरकार। इस लेखनी के दृष्टिकोण से मानव जाति को श्रेणी में विभाजित करने का श्रेय-आश्रय सरकार को ही दे रही है। जैसे:- सामान्य, जनजाति, अनुसूचित जनजाति, महा जन जाति, महा अनुसूचित जनजाति, दलित, महादलित।
ये उपरोक्त जितने भी मानव जाति की विभाजित की हुई श्रेणियां हैं वह जनता में प्रतिशोध की भावनाओं को उतेज्जित करने वाली एक विस्फोटक मिसाइल हैं, आज इसी मिसाइल की उपयोग कर राज्य एवं राष्ट्र नेता कुर्सी बचाव अभियान में सफलता हासिल कर शासन सत्ता का दूरपयोग कर रहे हैं, जिससे समाज के सदभावना, सद्विचार एवं सौहार्द को गुलाम बनाए हुए हैं।
प्रिय मित्रों सरकार द्वारा रची गई षड्यंत्र को बड़ी गंभीरता पूर्वक समझना होगा! आज आरक्षण का हार्डिंग लगाकर कुर्सी बचाव का खेल सोशल मीडिया पर खेला जा रहा है। या लेखनी भारत सरकार से पूछना चाहती है कि आरक्षण का कितना% लाभ जनता को मिल रहा है, कागजात अर्थात पारा शूटर पर कुछ और दर्शाया गया है तथा धरातल के ग्रास शूटर पर कुछ और देखने को मिल रहा है, अब जनता किसे सत्य माने? जनता को ऐसे ही लोकतंत्र के तीसरे पायदान पर अर्थात मूर्ख तंत्र में अपना जीवन- यापन करना पड़ रहा है। और जनता को ही लोकतंत्र हेतु ईश्वर माना जाता है, और सरकार इसी पर तानाशाह का बौछार करती जा रही है।
आज मानव जाति को उपरोक्त श्रेणी में विभाजित कर अपनी वोट्स रूपी रोटी को जनता रूपी तावा पर सेंक रही है। तथ्य को सरकार नहीं बल्कि जनता को एक केंद्र बिंदु पर केंद्रित होकर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मेरे प्रिय मित्रों आप इस सरकार के गोपनीयता विष को कब-तक पीते रहिएगा? आप अपने अंदर "सत्यमेव जयते" के मार्गदर्शन कर एक सुयोग्य, समाजसेवी, उद्धत चेतना के चेतक, व्यक्तित्व संपन्न, मानवता के सजग प्रहरी, राष्ट्रीय परिवेश में मधु खोलने वाले राष्ट्र निर्माण के भागीरथ प्रयास कर्ता के स्वामी का खोज कर सरकार का गठन करना होगा।
तब हमारा बिहार एक दिन विहार बनकर अवश्य ही उभरेगा।
आप इस लेखनी के तथ्यों को मंथन कर जाति-धर्म से कोई मतभेद ना करें, तभी हम बिहार को विकासशील ही नहीं बल्कि विकसित प्रदेश बना सकते हैं।
आपस में सामंजस्य स्थापित कर एक दूसरे की भावना को समझने का प्रयास करें तभी हम बिहार प्रदेश में बंद पड़े कल कारखानों को आरंभ कर सकते हैं यही नहीं बहुत सारे ऐसे विभाग हैं जो कई वर्षो से बंद पड़े हुए हैं और उन्हें उचित व्यवस्था कर आरंभ करने से बिहार को विहार बनाने में काफी सहयोग मिलेगा उदाहरण स्वरूप कुछ स्थानों में अस्पताल स्थापित किए गए हैं जिस पर बिहार सरकार की नजर नहीं पहुंच पा रही है उसे भी सुदृढ़ करने का एवं कार्यरत हेतु प्रयास किया जाए।
कुछ बंद पड़े अस्पतालों की सूची:-
1. ग्राम:-दुर्गाडिह  जिला रोहतास बिहार का अस्पताल।
2. ग्राम:-कोइरियां, जिला रोहतास बिहार का अस्पताल।
3. ग्राम:- मानिकपुर, जिला:-बक्सर बिहार का अस्पताल।
ऐसे अभी प्रत्येक जिले में अस्पताल हैं जो काफी दिनों से बंद पड़े हुए हैं।

 (सत्यमेव जयते):-
'विहार'का पत्र बिहार के नाम:-
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प्रिय बिहार वासियों आप सभी समाज के निर्माता, सद्गुणों के स्वामी, नेतृत्व कर्ता, गुण शील उदात्त चेतना के वाहक, विराट व्यक्तित्व संपन्न, ज्ञान-अर्थ और क्रिया में साम्य स्थापित करने वाले मानवता के सजग प्रहरी, अध्ययन तपस्याचार्य के स्वामी हैं। आप अपने करतल की कर्म रेखा से समाज की भाग्य रेखा को बदलने वाले हैं। आप समाज के नव निर्माण कर्ता हैं। आपका सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, अध्यात्मिक, सामाजिक समरसता, मानवतावादी सोच एवं शैक्षणिक अवदान संपूर्ण वातावरण को कस्तूरी सुशोभित कर्ता हैं। आप हिमालय की तरह विराट व्यक्तित्व के धनी भेद-भाव से मुक्त समाज का पथ प्रदर्शन करने वाले हैं। आपकी आत्मा उदत्त है और चेतना जागृत है। अतः आप से नम्र निवेदन है कि आप सुयोग्य, कर्मठी, बिहार को "विहार"बनाने वाले किसी प्रतिनिधि को चुनकर 2020 में बिहार सरकार गठन करने की उत्तम कार्य को सफल बनाएं, जिससे बिहार का चहमुखी विकास हो और बिहार विकसित प्रदेश के सूची में प्रथम स्थान आ जाए।
                          भवदीय:-
                         आपकी लेखनी
पॉलिटिकल एडिटर बिहार प्रदेश दीपक ओझा(9304224376)
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