(एक)
वर्षा रानी वर्षा रानी
बन्द करो अपनी मनमानी
सड़क सभी तालाब हो गए
नीचे कीचड़ ऊपर पानी

बिजली चमकी चम चम चम
पानी बरसा छम छम छम
आसमान में बजा नगाड़ा
गड़-गड़ गड़-गड़ डम-डम डम

(दो)
बादल राजा बादल राजा
बजा रहे क्यों ढोलक बाजा
दादा पोता डरे हुए हैं
अभी यहाँ से दूर चला जा

मूसल धार बरसता पानी
याद सभी को आती नानी
टप-टप घर दालान चुआ
रुक जाओ अब बहुत हुआ

(तीन)
इतनी बारिश नहीं सुहाती
रह रह कर यह हमें सताती
कैसे घूमें, खेलें कैसे
घर में मुनियां शोर मचाती

आसमान में इतने बादल
कहाँ-कहाँ से आ जाते
कोई तो बतलाओ ये क्यों
इतना पानी बरसाते

(चार)
कोरोना है ,घर में बैठो
लॉक डाउन है
बाहर निकलो मास्क लगाकर
लॉक डाउन है
सेनिटाइजर खूब लगाओ
लॉक डाउन है
बाहर का कुछ भी मत खाओ
लॉक डाउन है
साबुन से हाथों को धो लो
लॉक डाउन है
अपने घर में पढ़ो लिखो सब
लॉक डाउन है

( पाँच)
मेरी गुड़िया तुम मत रोना
भागेगा इक रोज कोरोना
हम सब बाहर घूमेंगे
दौड़ेंगे और खेलेंगे
नयी फ्रॉक सिलवा दूँगा
कुल्फी तुम्हें खिलाऊँगा
बाबा के कंधे चढ़कर
मेला तुम्हें दिखाऊँगा

©मनीष
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