सेवा में
अपर मुख्य सचिव,
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार

विषय :- बिहार के प्रारंभिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों एवम शिक्षकों को खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया से मुक्त रखने हेतु अनुरोध.

सन्दर्भ :- 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम-09' की धारा 21(1) एवम 'बिहार राज्य, बच्चों की मुफ्त एवम अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011' के भाग (v) नियम 13 के उपनियम 69 में उद्धृत प्रावधान ।

प्रसंग:- शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति के लिए पत्रांक- म0भो0/को0/103/2013 Part-1, 1130 दिनांक-06-07-2020 द्वारा जारी आपका आदेश ।

महाशय, 
उपर्युक्त विषयक सन्दर्भ एवम प्रसंगालोक में अंकनीय है कि भवदीय के प्रसंग अंकित पत्र से पूरे राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों एवम शिक्षकों के समक्ष कर्तव्य निष्पादन को लेकर काफी दुविधा व संकट की स्थिति उतपन्न हो गई है । उन्हें ऐसे कार्य के लिए बाध्य किया जा रहा है जो केंद्रीय RTE Act 09 एवम 'बिहार राज्य, बच्चों की मुफ्त एवम अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011' के सर्वथा विपरीत एवम उल्लंघनकारी हैं तथा शिक्षकों के पद व मर्यादा के भी सर्वथा प्रतिकूल हैं ।
द्रष्टव्य हो कि सन्दर्भित 'बिहार राज्य, बच्चों की मुफ्त एवम अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011' के भाग (v) नियम 13 के उपनियम 69 में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था एवम मॉनिटरिंग के लिए विद्यालय शिक्षा समिति को निदेशित किया गया है । 
विद्यालय के अकादमिक प्रशासन व शिक्षकों को इससे सर्वथा मुक्त रखने की अधिनियमित स्पष्ट व्यवस्था को लागू करने की शिक्षकों की माँग के सापेक्ष माननीय उच्च न्यायालय पटना के द्वारा  कई अहम न्यायादेश भी इस संदर्भ में पारित हैं ।
अतः पत्र के द्वारा प्राथमिक शिक्षक साझा मंच की ओर से हमारी मांग है कि
1) बच्चों को स्कूलों में मिलनेवाले मध्याह्न भोजन से वंचित रहने की स्थिति में प्रतिपूर्ति हेतु उनके अभिभावकों के बीच प्रस्तावित खाद्यान्न(चावल) वितरण की प्रक्रिया से विद्यालय परिवार को मुक्त करने की कृपा की जाय । ये स्थापित नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ शिक्षकों के सम्मान को क्षरित करनेवाले तथा लाँछनकारी होंगे और इसका प्रतिकूल प्रभाव सम्पूर्ण विद्यालय व्यवस्था की गरिमा को कलंकित करने वाला होगा ।
2) खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था जन वितरण-प्रणाली के माध्यम से करवाने की कृपा की जाए ।
हम यह भी आशा करते हैं कि इस खुले पत्र पर तमाम राजनीतिक व सामाजिक नेतृत्वकर्ता, संवेदनशील पदाधिकारी गण, मीडियाकर्मी व सुधी नागरिक बुद्धिजीवी गण, संज्ञान लेकर पूरे बिहार के प्रारंभिक शिक्षकों को इस त्रासद स्थिति से मुक्ति दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान अवश्य देंगे ।

रंजन कुमार
समन्वय समिति सदस्य
प्राथमिक शिक्षक साझा मंच
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